Tuesday, 9 June 2026

लंदन व यूरोप ट्रिप वृत्रांत

 “यू के व लन्दन यात्रा वृतांत”






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हमारी यात्रा लन्दन से शुरू हुयी , लन्दन एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों का मिश्रण है , भव्य महल, लन्दन ऑय, बिगबेन, मैडम दुसाज, जगत प्रसिद्ध संग्रहालय, क्रिकेट ग्राउंड लोड्स, टावर ऑफ़ लंदन ( जहाँ कोहिनूर हीरा मुकुट में जड़ित है )और खूबसूरत इमारतों से सुसज्जित  सड़कों की आभा देखते ही बनती है । 

लन्दन ऑय से शहर  का नज़ारा अतभुत दिखता है |  लन्दन ब्रिज की कलाकृति बेजोड़ है । ४ दिवस हम लन्दन में रहे | 

लन्दन से पेरिस हम यूरो ट्रेन से गए थे, जिसका सफर समुद्र की गहराइयों से तय होता है |  वर्साय पैलेस 17 वी शताब्दी की फ्रांसीसी कला  और महानतम उपलब्धियों के साथ विश्व की अनुपम धरोहरों में सूचीबद्ध  है । एफिल टावर अपनी विशेष तकनीकी और मानव निर्मित ३३० मीटर ऊँची कलाकृति दुनिया के ७ आश्चर्य में से एक है | रातों में उसका चमकता विराट स्वरूप मंत्रमुग्ध कर देता है , लेबल 3 से शहर का नज़ारा अकल्पनीय सा है | 

शहर की चकाचौंध ,रातों की जगमगाहट , seine river में क्रूज़ में घूमना अद्धुत अनुभव रहा मेरे  लिए  | डिजनीलैंड  की  रंगीनियां बच्चों के लिए मनोरंजन का अच्छा साधन है | बेशुमार राइड्स थी, वहां हमने बस कुछ ही का आनंद लिया | रंगीन ड्रेसों  में सुसज्जित बच्चे आकर्षण का केंद्र थे ।


विभिन्न देशों की संस्कृति,रहन-सहन, वेशभूषा , कला, साहित्य, भाषालिपी,  नयनाभिराम अंचल , हिमतुंग शिखर व आकाश की इन्द्रधनुषी छटा बरबस मन मोह लेती है।

|यात्राएं जीवंत किताबेँ होती हैं जो आजीवन खुशियां देती हैं | यात्राओं से आप निडर, अनजान जगहों पर घूमने का साहस और चुनौतिया आपके दिल और स्वास्थ्य के लिए वरदान साबित होती हैं ।

यूरोप और लन्दन की AQI  भी बहुत उन्दा है जिसे हम पैदल चलने पर महसूस कर पाते हैं । डेली लगभग हमारे 8000 -10000 steps हो जाते थे, नींद भी बढ़िया आती थी ।


पेरिस से हम बेल्जियम गये  Brussels की प्राचीन भव्य इमारतें चकित कर देती हैं |  grand place central sqare brussels की अपारता  युवाओं का बेंड और मधुर music आपको वहां से हिलने नही देता | चारों दिशाओं की इमारतों की अभूतपूर्व  कलाकृति  मन को आंदोलित  करती है | brussels City musium भी बेहद आकर्षक है यहां की बेल्जियम चॉकलेट भी बडी  स्वादिष्ट होती है | हमारे क्रिकेटर  विराट कोहली भी Evian का natural स्प्रिंग वाटर पीते हैं |  


एम्स्ट्राडेम में नौकायन मनोरम इमारते और काफ़ी का स्वाद अभी भी याद आता है । एक जादुई एहसास यहाँ आप महसूस करोगे। साइकिल राइडिंग के लिए अलग से सड़क है जो बहुत लुभावनी प्रतीत होती है ।

“यादें जश्न हैं ज़िंदगी का 

लिखती है गीत कोई ख़ुशी का “


डैम स्क्वायर की रौनक और चकाचौंध मंत्रमुग्ध करती हैं। वैभवता हर ओर परिलक्षित होती है ।

यहाँ से हम स्विट्ज़रलैंड पहुंचे  मैं २ बरस पहले भी यहां आ चुकी हूँ । स्विजरलैंड के साथ  बुडापेस्ट, ऑस्ट्रिया, प्राग   देखा था  “  Switzerland 

Is a  breathtaking masterpiece of Nature " 

यश चोपड़ा ने "DDLJ"  में यहॉँ  की खूबसूरती  और  प्राकृतिक दृश्यों को बहुत खूबसूरती से 

परोसा  हैं | यहाँ उनका बड़ा सम्मान है | Lusern में उनका स्टेचू और 

कई जगहों पर फिल्म के पोस्टर लगे हुए हैं ( Saanen , Gstaad , Interlaken , MT Titlis, Junjfrau ) 

सभी खूबसूरत वादियों को हमने आँखों  में समेटा |  हम Lausanne ,Interlekin , Engelberg  Zurich में रुके थे | यहां की ट्रेन भी बहुत आनंद प्रदायनी  होती है | Alps , शानदार घड़ियाँ , lind chocolates ,हिम श्रंखलाएं , छोटे छोटे  हरे भरे गाँव , गायें, स्वच्छ  आवोहवा सफाई आश्चर्यचकित  करती है  मन करता है यहीं बस जाएँ ।

,  "सौंदर्य मौन दृष्टिगत  होता है बहुत आहिस्ता से कानों में रास घोलता है हमारी नज़रे ही उन्हें देख पढ़ और आत्मसात करती है"।

 विश्व का सबसे महँगा देश अपनी सुंदरता   और मज़बूत इकोनॉमी के लिए जाना जाता है | यात्राओं से हमें स्थान के साथ साथ आत्मीयता व्यक्तिकता , कल्पनाशीलता और रोचकता का ज्ञान होता है,जिससे हमारा जीवन के प्रति दृष्टिकोण भी बदलता है  | 


आगे हम जर्मनी की ओर गये , फ्रैंकफर्ट में रुके  वहाँ की आधुनिक गगनचुम्बी इमारतों और समृद्धता का अतुलित संगम है मैन नदी , कोलोन कैथेड्रल , और लकड़ी के सुन्दर घर मन मोह लेते हैं | कोलन कैथेड्रल ६०० वर्षों में निर्मित हुआ था , जो Would UNESCO Heritage Sites साइड है , जर्मनी में गगन की छटा निराली है | Rhine Valley से बोटिंग करने पर पहाड़ों का नैसर्गिक सौंदर्य अनुपम होता है ।

राइन घाटी किसी काल्पनिक दुनिया से कम नहीं   राहिन नदी से सीढ़ीदार अंगूर के बागीचे , महलों के खूबसूरत नज़ारे , और नीलगगन अतभुत दृष्टिगत होता है | 


Liechtensteinमध्य यूरोप में स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रिया के बीच स्थित है । यह दुनिया के उन कुछ देशों में से एक है जहाँ अभी भी राजतंत्र (Monarchy) है。 यहाँ के प्रमुख (प्रिंस) है । अपने अल्पाइन पहाड़ों, हरी-भरी घाटियों और मध्ययुगीन किलों के कारण यह एक बहुत ही खूबसूरत पर्यटन स्थल  है प्रमुख आकर्षणों में Vaduz Castle शामिल है ।


इसके बाद हम ऑस्ट्रिया पहुंचे , Vienna विश्र्व में सबसे शुद्ध पानी के लिए जाना जाता है | वहां हमने Swarovski  Crystal Museum देखा जिसे "चैम्बर ऑफ़ वंडर्स" भी कहा जाता है |Swaroski  Jwellery की असंख्य अनुपम बेजोड़ डिज़ाइन देखी | 


अगला पड़ाव हमारा इटली था | विश्व के सबसे ज्यादा पर्यटकों की पसंदीदा जगह  अपने समृद्ध इतिहास , प्राचीन वास्तु कला , सुंदरता वेनिश की गोंडोला,  नौकायन,सबकुछ बहुत ही खूसूरत था UNESCO World Heritage  Sites में लिस्टेड है ।

पहले हमने Florence देखा समद्धशाली बेजोड़  शिल्प और वास्तुकला , विशाल और अद्वितीय रंगीन  अष्टकोणीय गुंबद और संग्रहालय देखे | 

दुनिया की ६०% कलाकृतियां इटली में है ऎसी मान्यता है | ऊपर देखने पर वहां की सुंदरता और  कृतियाँ  चकित कर देती हैं | यहाँ का पास्ता और पिज़ा का स्वाद भी निराला था | 

दुसरे दिन हमने पीसा , कोलोसियम और नगर भ्रमण  किया ।

लन्दन और पेरिस  की तुलना में इटली का मार्किट सस्ता था ।

कोलोसियम का निर्माण ७०-७२ ईस्वी में किया था ५०००० से ८०००० लोंगो के बैठने की क्षमता थी दुनिया के आश्चर्य  में से ये भी एक है | इटली  अर्वाचीन काल से वास्तुकला की नगरी है | पीसा का तिरछे स्वरूप हमें वाराणसी के एक तिरछे मंदिर जो गंगा किनारे स्थित है उसकी याद दिलाता है । 


तीसरे दिन हम Vatican City गए विश्व का सबसे छोटा कंट्री जहाँ की जनसंख्या 900 मात्र ।

विश्व का रोमन कैथोलिक का सबसे बड़ा चर्च और दुनिया के सबसे बड़े पॉप का निवास स्थान | बहुत ही खूबसूरत संरचना , पुराणी चित्रकलाएं  UNESCO World Heritage Sites पर दर्ज है यहाँ माइकल आंजेलो जैसी महान हस्तियों की उत्कृष्ट कृतियाँ उपलब्ध हैं ईशा मसीह को जिस सूली पर लटकाया था उसे अवशेष अंदर 

सुरक्षित हैं । 

पॉप की देह भी दर्शन हेतु राखी गयी है कॉपर स्तम्भ अनुपम वास्तुकला से निर्मित प्रतीत होते हैं ईसाई धर्म के लिए यह परम- पवित्र स्थल है | क़ुदरत की गोद में बेशुमार ख़ज़ाना है, जो हमें ढूढ़ना होता है, 


सुंदरता का हर स्रोत प्रकृति से शुरू होता है। ख़ुशबू का एहसास, झरनों का कलकल, पर्वतों का अलौकिक सौंदर्य पाख़ियों का कलरव, फलों की मिठास सब मन में निर्मल भाव उत्पन्न करते हैं, मन को शांति मिलती है । फूलों के साथ प्रकृति हँसती है ।जब हम किसी देश की यात्रा करते हैं, उससे जो अहसास होता है, वह अनुभव के रस में डूबा होता है।पढ़ने या टीवी में देखने से उस जगह की भाव कम होता है । एकांत होने पर छायाचित्र की तरह मन में संचालित होते हैं और ख़ुशियाँ देते हैं ।


इस लेख को लिखने के लिए पापा ने मुझे प्रोत्साहित किया है । अपना अनुभव शेयर किया है आप सबसे ।

धन्यवाद——- 🙏 ——


~~ वंदना दुबे ~~